Step 1: Step One

    Step 2: Step Two

    Step 3: Step Three

    जिनेन्द्र देव के अभिषेक एवं शान्तिधारा से अनंतानंत कोड़ा कोड़ी सागर का पुण्य प्राप्त होता।

    जो पावन कार्य देव भी करने को तरसते हैं उसको करने का सौभग्य मनुष्य को प्राप्त हुआ है।

    एक साधारण सी जल धार को जिनेन्द्र प्रभु के मस्तक पर ढुरा के पवित्रतम गंधोदक बना सकते हैं।


    स्पीड के लिए ब्रेक का
    झुकाने के लिए टेक का
    जिनेन्द्र प्रभु की शान्तिधारा व अभिषेक का

    बड़ा ही महत्व है